💥पौधरोपण का लक्ष्य तो मिला,प्रगति शून्य कई स्थानों पर खाली पड़े गड्ढे लगाए थे पौधे, रह गए ग़ड्ढे...!


💥कई स्थानों पर ट्री-गार्ड नजर आ रहे, सूख गए हजारों पौधे💥

फुलचंद भगत

मंगरुलपीर-दि.21अगस्त
मंगरुलपीर न.प.मे वैसे तो प्रशासन द्वारा वैसे तो हजारों पौधों का रोपण किया गया है लेकिन नतीजे के तौर पर स्थिति इसके इतर है लाखों खर्च के बाद भी धरातल पर दर्जन भर पौधे भी नहीं दिखाई देते वैसे अधिकारियों की मानें तो पौधे लगाए जाते हैं लेकिन संरक्षण व रखरखाव के अभाव में ये सूख जाते हैं

वर्ष 2019-20 में भी वन विभाग के साथ जिले के अन्य विभागों को पिछले माह में ही बाकायदा बैठक कर वृहद पौधरोपण का लक्ष्य सौंपा गया है इसके लिए 1 जुलाई से लेकर 15 सितम्बर तक कार्य पूर्ण कर लेने की हिदायत दी गई है बावजूद इसके अभी तक कार्य की प्रगति शून्य ही दिखाई दे रही है  विभागीय अधिकारी पौधरोपण को औपचारिकता तक ही सीमित रखे हुए हैं उधर दूसरी ओर न.प.मे भी पौधे लगाए जाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है लेकिन न तो इस ओर न.प. ही अपनी रुचि दिखा रहे हैं और न ही संबंधित विभाग ही इस ओर पहल करने को तैयार है पौधरोपण के लिए अभी तक शहर की खाली जमीनों पर गड्ढे तक नहीं खोदे गए हैं यदि कोरमपूर्ति के लिए कुछ पौधे लगा भी दिए जाते हैं तो संरक्षण के अभाव में माह दो माह में ही दम तोड़ देते हैं
न.प.के शास्त्री भवन टाउन हॉल के मैदान में सिर्फ गड्ढे है जो  बारिश होते ही पानी से भर जाते है
न. प. मुख्यालय के समीप शास्त्री भवन टाउन हॉल के परिसर में रोपे गए पौधे गायब हैं परिसर में सैंकड़ों की संख्या में पौधे रोपने के लिए खोदे गए गड्ढे ही रह गए हैं गत दिनों  शास्त्री भवन टाउन हॉल  के अंदर पौधा रोपण कार्य करने के लिए गड्ढे खोदे गए थे लेकिन अब सिर्फ गड्ढे ही दिखाई दे रहे है खाली पड़े ग़ड्ढों में फिर से पौध रोपण की प्रक्रिया नहीं अपनाई जा रही
परिसर की सुरक्षा की तरफ जल्द ध्यान नहीं दिया गया तो सारा परिसर सपाट मैदान में तब्दील हो सकता है

सिंचाई के नाम पर गफलत
पौधरोपण के बाद उनकी सुरक्षा के लिए समय-समय पर पौधों की सिंचाई के लिए गफलत होती है
उनकी सिंचाई नहीं हो पाती यही वजह है कि पौधे  सूख जाते हैं 

नहीं लगाए गए ट्री गार्ड
पेड़ों की सुरक्षा के लिए लगाए जाने वाले ट्री गार्ड कुछ जगह नहीं लगाए गए यही वजह है कि देखरेख एवं ट्री गार्डों के अभाव में लगाए गए 70 फीसदी से ज्यादा पेड़ नष्ट हो जाते हैं
कागजों में खोद डाले गड्ढे
पौधरोपण के नाम पर पौधरोपण के गड्ढे कागजों में खोद डाले गए विभाग द्वारा भले पौधरोपण की जानकारी के लिए कागजी घोड़े दौड़ाए गए हैं परंतु सच्चाई यह है कि पौधों को लगाने के लिए खोदे गए गड्ढे मात्र कागजों तक ही सीमित रह गए हैं
 मिर्ज़ा उबेद बेग
न.प.पार्षद मंगरुलपीर
 फोटो कैप्शन (1)न.प.के शास्त्री भवन में पौधों की जगह दिखाई दे रहे गड्ढे
फोटो(2) पोलिस स्टेशन मंगरुलपीर में मुरुम की मिटटी में गड्ढे तैयार किए गए है

फुलचंद भगत
मंगरुळपीर/वाशिम

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